गुरुवार, 14 अप्रैल 2011

"बेहतर है "

आँसुओ की कशिश मुस्कान से बेहतर है ;
सच्चाई की नमी झूट के एहसान से बेहतर है ||1

एक दिल है इन्सां का हँसता भी है रौता भी
इस हँसने रोने की माटी सोने की दुकान से बेहतर है ।२

वो आते है पास में नकाबे- खुशी ओड़कर
कोई उनसे जा कह दे गालो पर आँसुओ का निशां बेहतर है ||3

हम डरते है की वो बिछड़ गए तो हाले- दिल क्या होगा
इसलिए लक्की अब समझ की रिश्तो से बस जान -पहचान बेहतर है ।४ मेरी कलम
से लक्की ........................